हेडलाइन: नालागढ़ ब्लास्ट: पाकिस्तान में बैठे आतंकी रिंदा और विदेश से सुषाम चोपड़ा कर रहे थे ऑपरेट
सब-हेडलाइन: पंजाब से दो संदिग्ध गिरफ्तार, यूएपीए के तहत मामला दर्ज; एसपी बद्दी ने किया खुलासा, सिंथेटिक ड्रग्स फैक्ट्री के सबूत नहीं
], नालागढ़: NAND LAL THAKUR
नालागढ़ ब्लास्ट मामले की जांच में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस धमाके के तार अब सीधे तौर पर विदेश में बैठे हैंडलरों और पाकिस्तान स्थित आतंकियों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। एसपी बद्दी विनोद धीमान ने नालागढ़ थाने में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान खुलासा किया कि इस साजिश के पीछे विदेश में बैठे सुषाम चोपड़ा और पाकिस्तान में छिपे कुख्यात आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा का हाथ होने की आशंका है।
पंजाब से दो संदिग्ध गिरफ्तार
एसपी ने बताया कि हिमाचल पुलिस, पंजाब पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां (IB) आपसी तालमेल के साथ इस मामले की जांच कर रही हैं। इसी आधार पर पंजाब पुलिस ने एसबीएस नगर (नवांशहर) से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों के खिलाफ ‘एक्सप्लोसिव एक्ट’ और ‘UAPA’ के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों की संलिप्तता नालागढ़ ब्लास्ट में भी थी। अब कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों मामलों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
स्थानीय युवाओं का हो रहा इस्तेमाल
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि विदेश में बैठे आका स्थानीय लोगों को मोहरा बना रहे हैं। एसपी ने बताया कि हैंडलर्स द्वारा स्थानीय युवाओं को पैसों का लालच देकर या किसी अन्य एजेंडे के तहत इस तरह की वारदातों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
ड्रग्स फैक्ट्री का दावा खारिज
ब्लास्ट के बाद आतंकी संगठन बीकेआई (BKI) और पीएसए (PSA) ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि हिमाचल से सिंथेटिक ड्रग्स पंजाब भेजी जा रही है, इसलिए यह हमला किया गया। इस पर एसपी विनोद धीमान ने स्पष्ट किया कि जांच में अब तक प्रदेश में किसी भी सिंथेटिक ड्रग्स फैक्ट्री के संचालित होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। उन्होंने इसे आतंकी संगठनों का भ्रामक दावा बताया, हालांकि पुलिस हर एंगल से इसकी जांच कर रही है।
मकसद अभी साफ नहीं: पैसा, ड्रग्स या आतंक?
एसपी विनोद धीमान ने बताया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। विदेश में बैठे हैंडलर्स का असली मकसद क्या था—क्या यह पैसों के लिए किया गया, ड्रग्स माफिया का झगड़ा है या कोई आतंकी साजिश—फिलहाल इन सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। नालागढ़-बद्दी क्षेत्र में यह अपनी तरह की पहली घटना है, इसलिए पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है।
बद्दी में बाहरी लोगों की होगी सख्त प्रोफाइलिंग
बद्दी इंडस्ट्रियल एरिया होने के कारण यहाँ बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में कामगार आते हैं, जिससे संदिग्धों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। एसपी ने बताया कि पुलिस अब ‘रेजिडेंट रजिस्ट्रेशन कैंपेन’ (किरायेदार पंजीकरण अभियान) को और अधिक सख्त करेगी। संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।








