नालगढ़ में ‘प्रोजेक्ट प्रत्यूषा’ का शुभारंभ: आयुष और वृद्ध देखभाल के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल

नालागढ़।
हिमाचल प्रदेश के आयुष और वृद्ध सेवा मंत्री यदविंदर गोमा ने आज नालागढ़ में ‘प्रोजेक्ट प्रत्यूषा’ के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) सामग्री का विमोचन किया1। इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक हरदीप सिंह बावा और कांग्रेस पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं ने मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया1। विधायक बावा ने इस आयोजन को क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि मंत्री जी की उपस्थिति से स्थानीय स्तर पर आयुष और वृद्ध सेवाओं को नया बल मिलेगा1।
जन-जन तक पहुँचेगी स्वास्थ्य सेवाएँ मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री यदविंदर गोमा ने कहा कि उनकी सरकार का प्राथमिक उद्देश्य आयुष और वृद्ध देखभाल सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है2। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘प्रोजेक्ट प्रत्यूषा’ इस लक्ष्य को सिद्ध करने में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम साबित होगा2। मंत्री जी ने नालागढ़ के निवासियों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार क्षेत्र के विकास और जनता की सेवा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध और तत्पर है2।

जागरूकता पर विशेष बल समारोह के दौरान अनुसंधान और विकास संस्थान (आईआरजी) के निदेशक पवन वर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे3। स्रोतों के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य आधार आईईसी सामग्री का विकास करना है, जो आम जनता को आयुष पद्धतियों और वृद्धों की देखभाल के लाभों के बारे में जागरूक करने में सहायक होगी3। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक उपचार विधियों और आधुनिक देखभाल को एक साथ लाकर समाज के स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाना है3।
यह परियोजना समाज के लिए एक ‘मशाल’ के समान है, जो वृद्धों के जीवन में देखभाल का उजाला फैलाने और आयुर्वेद की शक्ति से स्वास्थ्य की नई राह दिखाने का कार्य करेगी।








