3 फीट की लीज, 50 फीट तक खुदाई! बाल्द नदी पर खनन माफिया का कहर
ग्रामीणों का आरोप—दिनदहाड़े अवैध खनन, रोकने पर धमकी और हाथापाई; लीज रद्द कराने के लिए कोर्ट जाएंगे
बद्दी।
औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन की जीवनदायिनी मानी जाने वाली बाल्द नदी में कथित अवैध खनन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि काठा क्षेत्र में तीन फीट की स्वीकृत खनन सीमा की आड़ में कई स्थानों पर 30 से 50 फीट तक गहरी खुदाई कर दी गई है, जिससे नदी का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। उनका कहना है कि यह सब संबंधित विभागों की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों व भूमि मालिकों गुरदीप सिंह, देसराज, ज्ञान सिंह कड़ुआन, बीरबल सिंह, काला कड़ुआना, कुलदीप सिंह, विचित्र सिंह, प्रीतपाल सिंह, सुच्चा सिंह, ध्यान सिंह, प्यारू, गुरदर्शन सिंह, दर्शन सिंह, हरभजन सिंह, गुरमेल सिंह, जोगा सिंह, अजमेर सिंह, बब्बू मान, बग्गा सिंह और प्यारा सिंह कसाना ने आरोप लगाया कि खनन माफिया ने नदी किनारे उनकी लीज वाली भूमि पर भी गहरी खदानें बना दी हैं। उनका कहना है कि विरोध करने पर खनन में लगे लोग गाली-गलौज और हाथापाई पर उतर आते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार अत्यधिक खनन से नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हो रहा है, जिससे कृषि भूमि, पेयजल स्रोत और पर्यावरण पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। साथ ही नदी के बीच स्थित बिजली विभाग के पोल और हाईटेंशन टावर भी गहरी खुदाई के कारण खतरे की जद में आ गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने एसडीएम बद्दी, जिला खनन अधिकारी और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दी है। अब वे लीज निरस्त कराने और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, निर्धारित सीमा से अधिक हुए खनन की जिम्मेदारी तय करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं जिला खनन अधिकारी दिनेश कुमार ने कहा कि विभाग को अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। मामला मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि खनन निरीक्षक को मौके का निरीक्षण कर जांच करने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
काठा स्थित बाल्द नदी में कथित रूप से लीज की आड़ में की गई गहरी खुदाई, जिससे नदी का स्वरूप प्रभावित होने का ग्रामीणों ने आरोप लगाया।








