HRTC के निजीकरण के फैसले पर तकनीकी कर्मचारी संघ का उग्र विरोध, आंदोलन की चेतावनी
शिमला।रिपोर्टर: चमन शर्मा
हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HRTC) की वर्कशॉप के निजीकरण के फैसले को लेकर विरोध तेज़ हो गया है। HRTC तकनीकी कर्मचारी संघ ने इस निर्णय के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ का कहना है कि यह फैसला कर्मचारियों के हितों और यात्रियों की सुरक्षा दोनों के लिए घातक साबित होगा।
प्रेस को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष पूर्ण चंद ने कहा कि HRTC की बसों में पहले ही घटिया स्पेयर पार्ट्स और तकनीकी स्टाफ की भारी कमी है, जिसके चलते हादसों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में वर्कशॉप का निजीकरण हालात को और बदतर बना देगा।
उन्होंने कहा कि तकनीकी कर्मचारियों की अनदेखी कर लिया गया यह फैसला न केवल रोजगार पर संकट पैदा करेगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने शीघ्र इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संघ ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात करने का भी निर्णय लिया है। मांगों में वर्कशॉप निजीकरण का फैसला वापस लेने, गुणवत्तापूर्ण स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता, तकनीकी स्टाफ की भर्ती और कर्मचारियों की सुरक्षा व सेवा शर्तों में सुधार शामिल हैं।
वहीं, इस पूरे मामले पर HRTC प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है








