मुख्यमंत्री सुक्खू कैबिनेट के बड़े फैसले—पंचायत चुनाव नियमों में बदलाव और सैकड़ों पदों पर भर्ती को हरी झंडी

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मुख्यमंत्री सुक्खू कैबिनेट के बड़े फैसले—पंचायत चुनाव नियमों में बदलाव और सैकड़ों पदों पर भर्ती को हरी झंडी

शिमला | रिपोर्ट: चमन शर्मा

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज शिमला में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं1। इस बैठक में सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, ऊर्जा और प्रशासनिक सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई है।

पंचायत चुनाव आरक्षण में बड़ा बदलाव

मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 में महत्वपूर्ण संशोधनों का प्रस्ताव रखा है1। नए नियमों के तहत वर्ष 2010 को आधार वर्ष माना जाएगा1। इसके अनुसार, जो पंचायतें लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी चुनावों में आरक्षित नहीं किया जाएगा1। सरकार ने इन प्रस्तावित बदलावों पर जनता से आपत्तियां और सुझाव भी मांगे हैं1।

सामाजिक सुरक्षा: ‘निराश्रित’ महिलाओं और बच्चों को बड़ी राहत

बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियम, 2010 में संशोधन किया गया है2। अब ‘निराश्रित’ शब्द की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए उन महिलाओं को इसमें शामिल किया गया है जिन्हें उनके पति ने छोड़ दिया है और जिनके पास आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है2। इसके अतिरिक्त, स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के तहत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 40 प्रतिशत हिस्सा ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ की वित्तीय सहायता के लिए आरक्षित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है2।

रोजगार और युवाओं के लिए अवसर

युवाओं को रोजगार प्रदान करने की दिशा में मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों में पदों को भरने की स्वीकृति दी है:

  • तकनीकी शिक्षा विभाग: इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 कनिष्ठ सहायक प्रवक्ता के पद3।
  • सहकारिता विभाग: 30 निरीक्षक और 2 सहायक पंजीयक के पद3।
  • शिक्षा विभाग: खेल छात्रावासों के लिए 16 कोच की भर्ती3।
  • सूचना एवं जन संपर्क विभाग: 3 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (IT) के पद4।

ऊर्जा और जल प्रबंधन पर कड़े फैसले

सरकार ने उन 15 जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है जिन्होंने एकमुश्त माफी योजना के बावजूद काम शुरू नहीं किया5। वहीं, पंडोह की 10 मेगावाट परियोजना बीबीएमबी को इस शर्त पर दी गई है कि वे अनुपयोगी भूमि राज्य को वापस करेंगे, जिससे हिमाचल को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी मिलेगी5। साथ ही, गांवों में जल योजनाओं के संचालन और रखरखाव का जिम्मा अब ग्राम पंचायतों को सौंपा जाएगा5।

कनेक्टिविटी और अन्य महत्वपूर्ण विकास

  • हेलीकॉप्टर सेवा: चंडीगढ़-शिमला-चंडीगढ़ सेवा को सप्ताह में 3 उड़ानों से बढ़ाकर 12 उड़ानें (प्रतिदिन 2 उड़ानें, 6 दिन) कर दिया गया है6।
  • डेयरी विकास: ढगवार में क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के गठन को मंजूरी दी गई है, जिसमें कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना के उत्पादक शामिल होंगे6।
  • शिक्षा और सुरक्षा: हमीरपुर के खरीड़ी खेल छात्रावास को राज्य स्तरीय खेल उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा4। गगरेट में नया उप-मंडलीय पुलिस कार्यालय और कोटला (नूरपुर) में पुलिस स्टेशन स्थापित करने को मंजूरी दी गई है47। इसके अलावा, कोटखाई और पांवटा साहिब में केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए भूमि हस्तांतरण को स्वीकृति दी गई है4।

कर्मचारी कल्याण: एक महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन राज्य सरकार के संसाधनों से जारी करने का निर्णय लिया है, क्योंकि केंद्र सरकार से अभी तक इसकी धनराशि प्राप्त नहीं हुई है3।

N Star India
Author: N Star India

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