नालागढ़ (सोलन) | N Star News India हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के तहत नालागढ़ क्षेत्र में वन संपदा की तस्करी करने वालों के खिलाफ वन विभाग और पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने रात के अंधेरे में फिल्मी अंदाज में पीछा करते हुए एक तस्कर को धर दबोचा और उसके घर से भारी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद की है।
टायरों के निशानों ने खोला तस्करी का राज

जानकारी के अनुसार, 14 मई की रात करीब 11:30 बजे वन खंड अधिकारी राजेश कुमार अपनी टीम (देवराज और योगेश) के साथ दमोह के भोगापुर जंगल में गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें जंगल में आरा मशीन चलने की आवाज सुनाई दी। जब टीम मौके पर पहुँची तो तस्कर भाग चुके थे, लेकिन वहां जमीन पर मोटरसाइकिल के टायरों के निशान मौजूद थे।
2 किलोमीटर पीछा और घर की घेराबंदी

वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन निशानों का करीब 2 किलोमीटर तक पीछा किया। ये निशान सीधे रेडू झिरी वाला निवासी अश्वनी कुमार के घर के आंगन में जाकर खत्म हुए। शक पुख्ता होने पर टीम ने स्थानीय पुलिस और गवाहों को मौके पर बुलाया और घर की तलाशी ली।
आंगन से बरामद हुए 33 खैर के लॉग्स
तलाशी के दौरान अश्वनी कुमार के आंगन में छिपाकर रखे गए 33 खैर के लॉग्स (लकड़ी के लट्ठे) बरामद हुए। आरोपी ने कबूल किया कि उसने ये लकड़ियां भोगापुर के सरकारी जंगल से चोरी की थीं। बरामद लकड़ी की कुल कीमत 1,94,895 रुपये आंकी गई है।
भंगलां-रतयौड़ रोड पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अश्वनी कुमार को भंगलां-रतयौड़ रोड (नालागढ़) के पास से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम और चोरी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।









