कुल्लू/मनाली:
हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मनाली के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र देव टीबा में ट्रैकिंग के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ ट्रैकिंग पर निकले एक 59 वर्षीय ब्रिटिश (यूके) नागरिक के अचानक घायल होने के बाद प्रशासन और भारतीय सेना ने तत्परता दिखाते हुए एक बेहद ही चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। सेना के जांबाज पायलटों ने चीता हेलीकॉप्टर के माध्यम से घायल विदेशी पर्यटक को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर लिया है।
दोपहर में हुआ हादसा, चलने-फिरने में लाचार हुआ विदेशी नागरिक
मिली जानकारी के अनुसार, यूके का रहने वाला यह 59 वर्षीय विदेशी पर्यटक एक स्थानीय ट्रैकिंग समूह के साथ देव टीबा की ओर निकला था। लेकिन कल दोपहर के समय अचानक पैर फिसलने या अन्य कारणों से विदेशी नागरिक को गंभीर चोट आ गई। चोट इतनी गहरी थी कि वह चलने-फिरने में पूरी तरह से असमर्थ हो गया।
पहाड़ पर स्थिति बिगड़ती देख साथ गए स्थानीय लोगों ने तुरंत मनाली प्रशासन को इस घटना की सूचना दी।
देवदूत बनी भारतीय सेना, दो चीता हेलीकॉप्टरों ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही मनाली प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए तुरंत जिला प्रशासन से संपर्क साधा और मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना से एयर रेस्क्यू के लिए मदद मांगी। सेना ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए अपने दो ‘चीता हेलीकॉप्टर’ देव टीबा के बर्फीले और दुर्गम इलाके के लिए रवाना किए।
बीती शाम सेना के हेलीकॉप्टरों ने स्थानीय प्रशासन की टीम के साथ मिलकर इस रेस्क्यू कार्य को बेहद सुरक्षित तरीके से पूरा किया। घायल ब्रिटिश नागरिक को पहाड़ी से एयरलिफ्ट कर सीधे भुंतर हवाई अड्डे पहुंचाया गया।
ढालपुर अस्पताल में इलाज जारी, स्थिति नियंत्रण में
भुंतर हवाई अड्डे पर प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस का पहले से ही इंतजाम किया गया था। हेलीकॉप्टर से उतारते ही घायल विदेशी को तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से ढालपुर अस्पताल (कुल्लू) भेजा गया, जहाँ डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा उसका इलाज किया जा रहा है।
डीएसपी मनाली केडी शर्मा का बयान:
“घायल विदेशी नागरिक को सेना और प्रशासन की टीम द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। फिलहाल उन्हें इलाज के लिए ढालपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है और स्थिति नियंत्रण में है।”








