ऊना | N Star News India हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के तहत लाल सिंघी गांव में शनिवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा पेश आया है। यहाँ प्रवासी मजदूरों की झुग्गियों में भीषण आग लगने से करीब 50 आशियाने जलकर पूरी तरह राख हो गए। इस अग्निकांड में मजदूरों की जीवन भर की जमा-पूंजी, गहने और राशन सब कुछ जलकर कोयला हो गया है।
कैसे शुरू हुई आग?
मिली जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत दोपहर के समय एक झुग्गी में जल रहे चूल्हे की चिंगारी से हुई। तेज हवा और झुग्गियों के निर्माण में प्रयुक्त प्लास्टिक व सूखी घास के कारण लपटों ने मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया।
लाखों का आर्थिक नुकसान, कोई जानी नुकसान नहीं
राहत की बात यह रही कि आग लगने के समय अधिकतर लोग झुग्गियों से बाहर थे, जिससे किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, प्रभावित परिवारों ने बताया कि उनके घरों में रखी नकदी और चांदी के आभूषण भी आग की भेंट चढ़ गए। नुकसान का आकलन लाखों रुपये में किया जा रहा है।
अग्निशमन विभाग की मुस्तैदी
घटना की सूचना मिलते ही ऊना से अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि:
“आग की गंभीरता को देखते हुए कुल 8 दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया था। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को आसपास के रिहायशी इलाकों में फैलने से रोक लिया।”
प्रशासन ने प्रदान की फौरी राहत
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रभावित परिवारों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर ही नुकसान का जायजा लिया और प्रभावितों को फौरी राहत राशि वितरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पीड़ितों का छलका दर्द
प्रभावित परिवारों का आरोप है कि वे जमीन मालिक को हर महीने 500 रुपये किराया देते हैं, लेकिन उन्हें यहाँ अग्निशमन या अन्य सुरक्षा की कोई मूलभूत सुविधा नहीं दी गई है। वर्तमान में ये परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।









